फरीदाबाद, (news24x365) विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 50 ऐसे बच्चों और उनके माता-पिता को आमंत्रित किया गया, जिनका सर्वोदय फाउंडेशन की CSR पहल के तहत जटिल हृदय संबंधी समस्याओं का पहले निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के स्वस्थ जीवन की ओर लौटने के सफर का उत्सव मनाने के साथ-साथ बच्चों में हृदय संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान, जांच और उपचार के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

गंभीर हृदय समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को CSR के तहत मिली मदद

सर्वोदय फाउंडेशन अपनी CSR पहलों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों की सहायता करता है, जिन्हें गंभीर हृदय उपचार की आवश्यकता होती है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे परिवारों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है, जिनके लिए महंगा उपचार कराना मुश्किल हो सकता है।

कार्यक्रम में शामिल बच्चों और उनके परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए। कई परिवारों के लिए यह आयोजन उस सफर की याद दिलाने वाला रहा, जो बच्चे की हृदय संबंधी समस्या की चिंता से शुरू होकर विशेषज्ञ उपचार और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ा।

बच्चों में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

सर्वोदय हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट–पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी एवं कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज, डॉ. जय रेलन ने कहा कि बच्चों में हृदय संबंधी समस्याएं हमेशा स्पष्ट लक्षणों के साथ सामने नहीं आतीं।

उन्होंने बताया कि बच्चों में तेज या सांस लेने में कठिनाई, शिशुओं का ठीक से दूध न पीना या वजन का अपेक्षित रूप से न बढ़ना, बड़े बच्चों में असामान्य रूप से सांस फूलना, थकान, बेहोशी और शारीरिक गतिविधियों में अन्य बच्चों के साथ तालमेल बनाए रखने में परेशानी जैसे संकेतों पर माता-पिता को ध्यान देना चाहिए। लगातार बने रहने वाले या असामान्य लक्षणों की स्थिति में बाल रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट से जांच कराने की सलाह दी गई।

जन्मजात हृदय रोगों के इलाज की सुविधाएं

सर्वोदय हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक कार्डियक केयर के तहत बच्चों की जांच और मूल्यांकन से लेकर जन्मजात एवं संरचनात्मक हृदय संबंधी समस्याओं के लिए इंटरवेंशनल और सर्जिकल उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।

कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट एवं हेड डॉ. अनुपम दास ने बताया कि बच्चों में हृदय में छेद, हृदय या उसके चैंबर्स के विकास में असामान्यता तथा जटिल जन्मजात हृदय रोगों के मामलों में कार्डियक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। जांच के आधार पर ASD या VSD रिपेयर, टेट्रालॉजी ऑफ फैलोट रिपेयर और अन्य सुधारात्मक सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं की जा सकती हैं। उपचार का निर्णय प्रत्येक बच्चे की स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार किया जाता है।

बच्चों के लिए रहा खास आकर्षण

कार्यक्रम में वर्ल्ड हार्ट डे की थीम पर आधारित टी-शर्ट, रिटर्न गिफ्ट और सेल्फी जोन भी बनाए गए। कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी मुख्य आकर्षण रही और परिवारों ने उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया।

1,000 से अधिक पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी का दावा

सर्वोदय हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि समय पर कार्डियक केयर तक पहुंच बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि सर्वोदय फाउंडेशन की CSR पहलों के माध्यम से गंभीर हृदय उपचार की आवश्यकता वाले वंचित परिवारों के बच्चों की सहायता करने की प्रतिबद्धता जारी है।

अस्पताल के अनुसार, सर्वोदय में अब तक 1,000 से अधिक पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी की जा चुकी हैं। अस्पताल का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने और बच्चों में हृदय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।

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