पलवल, (news24x365) रिटायर्ड कर्मचारी संघ द्वारा पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आयोजित 24 घंटे का पड़ाव बुधवार को समाप्त हो गया। समापन के अवसर पर संघ की ओर से प्रधानमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन तहसीलदार पलवल के माध्यम से सौंपा गया।
कार्यक्रम का संचालन संघ के नेता हरिचंद वर्मा ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता बलजीत शास्त्री और जवाहर सिंह ने संयुक्त रूप से की। सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरेंद्र देशवाल और योगेश शर्मा ने भी पड़ाव में शामिल होकर रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और सरकार से इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
पेंशन से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता रूपराम तेवतिया और बलजीत शास्त्री ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा सरकारी सेवाओं में लगाकर समाज और देश की सेवा की है। ऐसे में पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े उनके मुद्दों को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है।
उन्होंने सरकार से पेंशन नियम (Validation) अधिनियम, 2025 को वापस लेने तथा आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने की मांग की।
50 प्रतिशत DA को पेंशन में मर्ज करने की मांग
पड़ाव के दौरान पेंशनभोगियों ने अंतरिम राहत देने और 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) को वेतन एवं पेंशन में विलय करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा 10 वर्ष 8 माह की कम्यूटेशन कटौती पूरी होने के बाद पेंशनभोगियों की पूरी पेंशन बहाल करने की मांग रखी गई।
संघ के नेताओं महेंद्र सिंह और उदय सिंह सरपंच ने पेंशन समानता लागू करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार करने तथा NPS और UPS समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही लंबित 18 माह के DA एरियर का भुगतान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं बहाल करने की मांग
पड़ाव में वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे और हवाई यात्रा में मिलने वाली रियायतें दोबारा बहाल करने, पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों की चिकित्सा सुविधाओं में सुधार करने तथा बढ़ती उम्र के साथ अतिरिक्त पेंशन प्रदान करने की मांग भी की गई।
संघ के नेताओं ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए वैधानिक राष्ट्रीय आयोग (Statutory National Commission for Senior Citizens) गठित करने की मांग भी रखी।
‘आश्वासन नहीं, समयबद्ध समाधान चाहिए’
संघ नेताओं ने कहा कि 24 घंटे के पड़ाव के माध्यम से पेंशनभोगियों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक स्पष्ट रूप से पहुंचाया गया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर केवल आश्वासन देने के बजाय समयबद्ध तरीके से ठोस निर्णय लेकर समाधान करने की अपील की।
पेंशनभोगियों ने कहा कि उनकी मांगें केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों से भी जुड़ी हैं।
संघ नेताओं ने स्पष्ट किया कि 24 घंटे के पड़ाव का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन मांगों के समाधान के लिए संघर्ष और संगठनात्मक गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।
पड़ाव में रिटायर्ड कर्मचारी नेता रमेशचंद, दरियाब सिंह, लख्मीचंद, मोहम्मद जकारिया, अशोक तेवतिया, रमणलाल, गोविंदराम, हेतराम, चंदीराम चंदेलिया, जगराम सिंह, केशव राम, रामआश्रय, चंद्रभान शर्मा, देवकीनंदन, नेमचंद शर्मा, दीन मोहम्मद और धर्मचंद सहित अन्य कर्मचारियों ने अपने विचार रखे।
