फरीदाबाद। (news24x365) गैर-संचारी (Non-Communicable) रोगों की बढ़ती चुनौतियों से निपटने और मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने अपनी ‘फ्यूचर ऑफ सर्जरी’ पहल के तहत तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की है। इनमें फोर्टिस कैंसर इंस्टीट्यूट, द इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज़ और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन क्रिटिकल केयर एंड ECMO शामिल हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मरीजों को एक ही स्थान पर आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और मल्टीडिसिप्लिनरी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय टर्शियरी केयर मिल सके।
फोर्टिस कैंसर इंस्टीट्यूट में मेडिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, अंग-विशेष कैंसर उपचार, एडवांस डायग्नोस्टिक्स और सटीक उपचार प्रोटोकॉल की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रत्येक मरीज के उपचार की योजना विशेषज्ञों के मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड की सलाह के बाद तैयार की जाएगी, ताकि इलाज मरीज की जरूरतों के अनुसार किया जा सके। द इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज़ में ब्रेन, स्पाइन और न्यूरोलॉजिकल रोगों जैसे स्ट्रोक, मिर्गी (एपिलेप्सी), जटिल ब्रेन ट्यूमर, पार्किन्सन रोग और अन्य न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के उपचार की उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां न्यूरो-नेविगेशन तकनीक, मिनिमली इनवेसिव सर्जरी और एकीकृत न्यूरो-रिहैबिलिटेशन सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन क्रिटिकल केयर एंड ECMO में गंभीर हृदय एवं श्वसन संबंधी रोग, मल्टी-ऑर्गन फेलियर और अन्य जटिल मेडिकल स्थितियों के उपचार के लिए आधुनिक आईसीयू सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां ECMO (Extracorporeal Membrane Oxygenation) जैसी जीवनरक्षक तकनीक, विशेषज्ञ क्रिटिकल केयर टीम और लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद के फेसिलिटी डायरेक्टर डॉ. अभिषेक शर्मा ने कहा कि कैंसर, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों और अन्य जटिल रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए हेल्थकेयर सिस्टम को आधुनिक और एकीकृत उपचार मॉडल अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इन तीनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए की गई है। इससे मरीजों को एक ही प्लेटफॉर्म पर अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और बेहतर क्लीनिकल परिणाम उपलब्ध होंगे। साथ ही क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय उपचार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
