रीदाबाद (news24x365) फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर बिहार की 33 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है। महिला पिछले 5 वर्षों से प्रसव के दौरान लगी गंभीर चोट के कारण दर्द, मल असंयम और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं से जूझ रही थी। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, महिला को दूसरी डिलीवरी के दौरान गंभीर पेरिनियल टियर हुआ था। यह चोट इतनी गहरी थी कि योनि और गुदा के बीच की मांसपेशियां व ऊतक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके कारण मरीज का मल-त्याग पर नियंत्रण खत्म हो गया था। शुरुआती सर्जरी असफल रहने के बाद उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

इलाज के लिए महिला ने आखिरकार फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल से संपर्क किया, जहां जांच में पता चला कि करीब 6-7 सेंटीमीटर का पुराना टियर गुदा और आसपास की मांसपेशियों को गंभीर नुकसान पहुंचा चुका था।

इसके बाद डॉ अनीता सोनी और डॉ इशा वधावन की देखरेख में लगभग डेढ़ घंटे तक चली जटिल सर्जरी की गई। इस दौरान गुदा की भीतरी परत, स्फिंक्टर मांसपेशियों और क्षतिग्रस्त ऊतकों का बारीकी से पुनर्निर्माण किया गया। डॉक्टरों की टीम ने पुरानी चोट के बावजूद सफलतापूर्वक सर्जरी कर मरीज की सामान्य जीवनशैली वापस लौटाने में सफलता हासिल की।

सर्जरी के दो दिन बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के अनुसार अब मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। डॉ अनीता सोनी, एडिशनल डायरेक्टर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने कहा कि इस प्रकार के गंभीर पेरिनियल टियर दुर्लभ होते हैं, लेकिन समय पर उपचार न मिलने पर महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने प्रसव के दौरान सही चिकित्सा देखभाल और समय पर इलाज को बेहद जरूरी बताया।

वहीं डॉ इशा वधावन ने कहा कि पुराने मामलों में सर्जरी काफी जटिल हो जाती है, लेकिन सही तकनीक और देखभाल से मरीजों की जीवन गुणवत्ता दोबारा बेहतर की जा सकती है। अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ अभिषेक शर्मा ने कहा कि किसी भी महिला को ऐसी समस्या चुपचाप सहने की जरूरत नहीं है। सही समय पर विशेषज्ञ उपचार मिलने से पुराने और जटिल मामलों का भी सफल समाधान संभव है।

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