शेखर दास की रिपोर्ट
रीदाबाद बीके अस्पताल में एक्स-रे कराने आए मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्यों की एक्सरे मशीन फिर से खराब हो गई है। अस्पताल में रोजाना लगभग 150 से 200 मरीज एक्स-रे कराने पहुंचते हैं। मरीजो का एक्सरे करने के लिए अस्पताल में तीन एक्सरे मशीने हैं जिनमे एक सेमसंग की अत्यंत एडवांस मशीन है जो पिछले कई वर्षो से खराब पड़ी है।

अब फिलहाल अस्पताल में एक मूविंग एक्सरे मशीन और एक फिक्स मशीन है जिनमे सिर्फ मूविंग मशीन ही काम कर रही है। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि चालू एक्स-रे मशीन पर अधिक लोड डालने से उसके खराब होने की आशंका बनी रहती है। अगर मशीन एक बार खराब हो जाए तो उसे ठीक होने में कई हफ्तों का समय लग सकता है। अस्पताल में सेमसंग की अत्यंत एडवांस मशीन और फिक्स एक्सरे मशीन खराब पड़ी है यहां मूविंग वाली एक्सरे मशीन से काम चलाया जा रहा है।

जिसके चलते सभी मरीजो का एक्सरे नहीं किया जा रहा है सिर्फ इमरजेंसी जैसे मामले ही निपटाए जा रहे है बाकी मरीजो को निजी एक्सरे लेब की तरफ रुख करना पढ़ रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि सरकारी अस्पताल बीके में इलाज कराने आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं। पहले से बिगड़ी आर्थिक स्थिति के बीच एक्स-रे जांच का अतिरिक्त खर्च और बीमारी का दर्द मरीजों पर दोहरा बोझ साबित होगा।

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