फ़रीदाबाद। (news24x365) शहर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 ने वॉइस, एयरवे एंड स्वैलोइंग डिपार्टमेंट की शुरुआत की है। यह विभाग उन मरीजों के लिए समर्पित है जो आवाज़, सांस लेने या निगलने से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। अस्पताल का दावा है कि इस नई सुविधा से उत्तर भारत में इस तरह की स्पेशलाइज़्ड चिकित्सा सेवाओं की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा।

अस्पताल के अनुसार, भारत में स्ट्रोक, सिर एवं गर्दन के कैंसर, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, वोकल कॉर्ड पैरालिसिस और बढ़ती उम्र के कारण आवाज़ और निगलने से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अनुमान है कि लगभग 10 से 15 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में इन समस्याओं से प्रभावित है, लेकिन इनके लिए विशेषज्ञ इलाज की सुविधाएं अभी भी सीमित हैं। नया विभाग निगलने में कठिनाई (Swallowing Disorder), आवाज़ से जुड़ी बीमारियां, वोकल कॉर्ड पैरालिसिस, सांस लेने में परेशानी और स्ट्रोक के बाद होने वाली समस्याओं का आधुनिक तकनीकों के जरिए इलाज और पुनर्वास (Rehabilitation) उपलब्ध कराएगा।

अस्पताल में CO₂ लेज़र, VitalStim Therapy, Videofluoroscopy और FEES (Flexible Endoscopic Evaluation of Swallowing) जैसी आधुनिक तकनीकों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही यहां Laryngeal Reinnervation Surgery जैसी उन्नत सर्जरी भी की जाएगी। अस्पताल का दावा है कि वोकल कॉर्ड पैरालिसिस के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराने वाला उत्तर भारत का यह एकमात्र केंद्र है।

सर्वोदय हॉस्पिटल के ENT विभाग के कंसल्टेंट डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि आवाज़, निगलने और सांस से जुड़ी समस्याएं मरीज के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं, लेकिन अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की आवाज़ लगातार बदल रही हो, निगलते समय खांसी आती हो या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। कॉक्लियर इम्प्लांट एवं ENT डायरेक्टर डॉ. रवि भाटिया ने कहा कि यह विभाग उत्तर भारत में स्पेशलाइज़्ड ENT सेवाओं को नई दिशा देगा। आधुनिक तकनीक और मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के सहयोग से मरीजों को बेहतर और समग्र उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं सर्वोदय हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करना है। नया विभाग उत्तर भारत में एडवांस्ड ENT केयर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस विभाग में ENT विशेषज्ञों के साथ-साथ स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट और रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ मिलकर मरीजों का उपचार करेंगे, ताकि उन्हें एक ही स्थान पर समग्र और समन्वित चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

अस्पताल की योजना इस विभाग को उत्तर भारत का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की है। इसके साथ ही रिसर्च, मेडिकल एजुकेशन, फेलोशिप प्रोग्राम और जन-जागरूकता अभियानों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि इन बीमारियों की समय रहते पहचान और प्रभावी इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *