रीदाबाद (news24x365) फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पीटल के डॉक्टरों ने 11 वर्षीय बच्ची का सफल इलाज कर एक दुर्लभ बीमारी “इंफेक्टेड यूराचल सिस्ट” से राहत दिलाई है। बच्ची पिछले करीब दो हफ्तों से नाभि के आसपास लगातार पेट दर्द से परेशान थी।

अस्पताल में भर्ती के बाद जब विस्तृत जांच की गई, तो सामने आया कि बच्ची एक दुर्लभ जन्मजात विकार से पीड़ित है, जिसमें मूत्राशय को नाभि से जोड़ने वाली भ्रूण संरचना (यूराचस) पूरी तरह बंद नहीं होती और उसमें संक्रमण हो जाता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के डायरेक्टर – यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट डॉ अनूप गुलाटी के नेतृत्व में टीम ने मिनीमली इनवेसिव लैप्रोस्कोपिक (कीहोल) सर्जरी का सहारा लिया। इस प्रक्रिया में छोटे-छोटे चीरे लगाकर संक्रमित सिस्ट और टिश्यू को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से हटाया गया।

डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी बेहद दुर्लभ होती है और इसके लक्षण भी सामान्य नहीं होते, जिससे समय पर पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन एडवांस इमेजिंग तकनीकों की मदद से सही समय पर बीमारी का पता चल गया।

सर्जरी पूरी तरह सफल रही और बच्ची को महज दो दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पांच दिन बाद कैथेटर भी हटा लिया गया और अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।

इस बारे में जानकारी देते हुए डॉ अनूप गुलाटी ने बताया कि मिनीमली इनवेसिव तकनीक के इस्तेमाल से मरीज को कम दर्द, कम ट्रॉमा और तेजी से रिकवरी का फायदा मिला।

वहीं, अस्पताल के फेसिलिटी डायरेक्टर डॉ अभिषेक शर्मा ने कहा कि यह सफलता दुर्लभ पिडियाट्रिक मामलों में समय पर डायग्नोसिस और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों की अहमियत को दर्शाती है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के जरिए बच्चों और वयस्कों को सुरक्षित, सटीक और मरीज-केंद्रित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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