फरीदाबाद, (news24x365) हरियाणा के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देते हुए मानव रचना इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (MRIIF) को राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से निजी इनक्यूबेटर के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। यह उपलब्धि प्रदेश में नवाचार, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस मान्यता के तहत MRIIF वर्ष 2026 में करीब 25 स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा। पात्र स्टार्टअप्स को स्टार्टअप हरियाणा फंड के माध्यम से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने उत्पाद विकास, परीक्षण और बाजार में प्रवेश जैसे शुरुआती चरणों को मजबूती से पूरा कर सकें।
🚀 सरकार की व्यापक योजना से जुड़ा कदम
यह पहल हरियाणा सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य को स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना है। सरकार न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी राज्यों के उद्यमियों को भी हरियाणा में व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
🎯 नेतृत्व की प्रतिक्रिया
मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा,
“हमारा ध्यान हमेशा प्रक्रियाओं से अधिक लोगों पर रहा है। यह मान्यता हमें नवाचारकर्ताओं को स्पष्ट दिशा और मजबूत सहयोग देने में सक्षम बनाती है। अब युवा अपने ही राज्य में सफल उद्यम स्थापित कर सकेंगे।”
MRIIF के सीईओ डॉ. उमेश दत्ता ने कहा,
“यह मान्यता छात्रों और शुरुआती उद्यमियों को संरचित मार्गदर्शन, प्रोटोटाइप सुविधाएं, उद्योग साझेदारी और निवेशकों से जुड़ने का मंच देगी।”
🧠 उद्योग-उन्मुख इनक्यूबेशन मॉडल
MRIIF का मेंटर-आधारित मॉडल उद्योग सहयोग, नेटवर्किंग और संस्थागत समर्थन पर आधारित है। यहां स्टार्टअप्स को:
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डिजाइन थिंकिंग
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बाजार परीक्षण
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बौद्धिक संपदा (IP) निर्माण
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नियामक मार्गदर्शन
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कौशल विकास
जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
