फरीदाबाद, (News24x365) मानव रचना विश्वविद्यालय (एमआरयू) तथा मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ (एमआरआईआईआरएस) का दीक्षांत समारोह 2025–26 शैक्षणिक उपलब्धियों का भव्य उत्सव बन गया। मानव रचना परिसर में आयोजित इस समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों के अंतर्गत कुल 2,150 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह का उद्घाटन मानव रचना शैक्षणिक संस्थानों की मुख्य संरक्षक श्रीमती सत्या भल्ला ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला, उपाध्यक्ष डॉ. अमित भल्ला, एमआरयू के कुलपति डॉ. दीपेंद्र कुमार झा तथा एमआरआईआईआरएस के कुलपति डॉ. संजय श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। दोनों कुलपतियों ने संस्थानों की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
युवाओं को दी जिम्मेदारी का संदेश

मुख्य अतिथि श्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि ‘मानव रचना’ नाम अपने आप में मानवीय मूल्यों के निर्माण का संदेश देता है। उन्होंने कहा,“आज देश अमृत काल के दूसरे चरण में है और आने वाले 25 वर्ष भारत की दिशा तय करेंगे। 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी।” उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले 11 वर्षों में संस्थागत प्रसव 78 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हुए हैं, जबकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में तेज गिरावट दर्ज की गई है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं। उन्होंने एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के विस्तार को देश की प्रगति का प्रतीक बताया।
मानद उपाधियों से सम्मानित हुईं हस्तियां
समारोह के दौरान कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को मानद उपाधियाँ प्रदान की गईं—
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माल्टा के उप प्रधानमंत्री डॉ. इयान बॉर्ग को सार्वजनिक सेवा व वैश्विक कूटनीति में योगदान हेतु
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बिहार की खेल एवं आईटी मंत्री श्रीमती श्रेयसी सिंह को खेल व युवा सशक्तिकरण के लिए
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भारतीय चिकित्सा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जे. नायक को चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल को न्यायिक सुधारों व सामाजिक न्याय के लिए
शिक्षा के साथ नैतिकता पर जोर
अध्यक्ष डॉ. प्रशांत भल्ला ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री लेने का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प है। वहीं उपाध्यक्ष डॉ. अमित भल्ला ने तकनीक और नवाचार के साथ नैतिकता व पर्यावरणीय जिम्मेदारी को आवश्यक बताया।
उपाधियों का विवरण
एमआरआईआईआरएस द्वारा:
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1,069 स्नातक
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404 स्नातकोत्तर
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87 शोध उपाधियाँ
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66 पदक एवं पुरस्कार
एमआरयू द्वारा:
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521 स्नातक
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58 स्नातकोत्तर
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11 शोध उपाधियाँ
समारोह ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा के समापन के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी सुदृढ़ किया।
