फरीदाबाद, 27 नवंबर 2025। भारत में नवजात नर्सिंग की क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अमृता अस्पताल–फरीदाबाद में नवजात क्रिटिकल-केयर नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत देशभर की 1,500 नर्सों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में उन्नत नैदानिक और जीवन-रक्षक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम केडमैन स्किलएड इंडिया फ़ाउंडेशन, अमृता विश्व विद्यापीठम, अमृता अस्पताल, गेटिंगे मेडिकल इंडिया (CSR) और बिज़नेस स्वीडन के संयुक्त सहयोग से चलाया जा रहा है।
नवजात मृत्यु दर कम करने में बड़े योगदान की उम्मीद
भारत का नवजात मृत्यु दर (NMR) 19 प्रति 1,000 जन्म है, जबकि SDG लक्ष्य 2030 तक इसे 12 प्रति 1,000 तक लाना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत नवजात नर्सिंग क्षमता से मृत्यु दर में 15% से 50% तक कमी लाई जा सकती है, जबकि आज भी कई नर्सें बिना मानकीकृत प्रशिक्षण के NICU में कार्य शुरू कर देती हैं।
12 उन्नत मॉड्यूल, AI-आधारित परीक्षा और विशेषज्ञों द्वारा केस-आधारित शिक्षण
केडमैन स्किलएड इंडिया फ़ाउंडेशन द्वारा, अमृता की क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ तैयार यह कार्यक्रम निम्न सुविधाएँ प्रदान करता है:
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उन्नत डिजिटल कंटेंट
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LMS आधारित सीख
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सिमुलेशन स्किल ट्रेनिंग
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विशेषज्ञों द्वारा केस-आधारित शिक्षण
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12 प्रमाणित प्रशिक्षण मॉड्यूल
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AI आधारित मूल्यांकन
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सर्वोत्तम प्रतिभागियों के लिए आवासीय उन्नत प्रशिक्षण
यह मॉडल नर्सों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दक्ष बनाता है।
कार्यक्रम उद्घाटन में प्रमुख वक्तव्यों के अंश
अरुणा नायक, प्रबंध निदेशक, गेटिंगे मेडिकल इंडिया
“यह पहल भारत की क्रिटिकल-केयर क्षमता को मजबूत करने की हमारी CSR प्रतिबद्धता का अहम हिस्सा है।”
स्वामी निजामृतानंद पुरी, प्रशासनिक निदेशक, अमृता अस्पताल–फरीदाबाद
“हर नवजात जीवन की सुरक्षा हमारा धर्म है। नर्सों को उन्नत कौशल देना समाज के लिए बड़ी सेवा है।”
डॉ. संजीव के. सिंह, मेडिकल डायरेक्टर, अमृता अस्पताल
“यह कार्यक्रम नर्सिंग प्रशिक्षण को संरचित और वैज्ञानिक बनाता है और नर्सों को वास्तविक परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ काम करने योग्य बनाता है।”
राजीव माथुर, CEO, केडमैन स्किलएड इंडिया फ़ाउंडेशन
“कुनस्काप्सकोलन (स्वीडन), मानव रचना और अमृता की विशेषज्ञता के साथ हम स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल विकास के राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहे हैं।”
भारत को 1 लाख विशेष नवजात नर्सों की तत्काल जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दशक में भारत को 1 लाख से अधिक नवजात विशेषज्ञ नर्सें और WHO मानकों को पूरा करने हेतु 6.5 लाख अतिरिक्त नर्सों की आवश्यकता होगी।
यह पहल दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मॉडल और CSR साझेदारी मिलकर भारत के SDG 2030 लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
सहयोगी संस्थाओं के बारे में संक्षेप में
केडमैन स्किलएड इंडिया फ़ाउंडेशन
मानव रचना (भारत) और Kunskapsskolan (स्वीडन) द्वारा स्थापित सेक्शन-8 गैर-लाभकारी संस्था।
विशेषज्ञता:
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उच्च गुणवत्ता पाठ्यक्रम
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डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट
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LMS आधारित वितरण
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हेल्थ सेक्टर में बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यान्वयन
अमृता विश्व विद्यापीठम व अमृता अस्पताल
अमृता भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक है।
अमृता अस्पताल–फरीदाबाद एशिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में से है, जिसमें उन्नत NICU, बाल सुपर-विशेषता और अत्याधुनिक शोध सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
गेटिंगे मेडिकल इंडिया
वैश्विक हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी अग्रणी।
भारत में CSR कार्यक्रमों के माध्यम से क्रिटिकल-केयर, रोगी सुरक्षा और चिकित्सा क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित।
