उत्तर प्रदेश (news24x365) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में एक चपरासी ने कमाल कर दिया।
महीने में करीब 55,000 कमाने वाले इस चपरासी ने लगभग 8 करोड़ का भ्रष्टाचार कर डाला। ये खुद तो करोड़पति बना ही, इसने अपने रिश्तेदारों को भी करोड़पति बना दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, इल्हाम उर रहमान शम्सी चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है, जो उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में एक चपरासी के पद पर तैनात है।
इल्हाम ने अपनी चतुराई से कार्यालय में वेतन बिल और टोकन जनरेशन का काम अपने हाथ में ले लिया था, जिसका फायदा उठाकर उसने अपनी तीनों पत्नियों (अर्शी, लुबना, अजारा), साली, सास और अन्य रिश्तेदारों को कागजों पर फर्जी तरीके से टीचर, लिपिक और ठेकेदार बना दिया।
ट्रेजरी ऑफिस की बारीकियों का जानकार होने के चलते उसने फर्जी बेनेफिशियरी आईडी तैयार कीं। वह असली शिक्षकों के नाम पर बिल बनाता था, लेकिन पैसा अपने रिश्तेदारों के अकाउंट नंबर पर ट्रांसफर कर देता था।
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब Bank of Baroda के मैनेजर ने संदिग्ध ट्रांजेक्शन को लेकर डीएम को पत्र लिखा। इसके बाद हुई जांच में इल्हाम के काली कमाई के साम्राज्य का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इल्हाम की दो पत्नियों, साली, सास और अन्य महिला मददगारों सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पहली पत्नी अर्शी पहले ही जेल जा चुकी है।
