फरीदाबाद: (news24x365) फरीदाबाद शहर में आयोजित एक जन्मदिन समारोह के दौरान हुई फायरिंग में गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय युवक को फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने नया जीवनदान दिया। समय पर इलाज न मिलने पर यह चोट जानलेवा साबित हो सकती थी।

अस्पताल के अनुसार, युवक को गंभीर हालत में इमरजेंसी विभाग में लाया गया था। उसके सीने के दाहिने हिस्से से खून बह रहा था और उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। जांच में पता चला कि उसे कई गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं, जिनमें लिवर डैमेज, पसलियों का टूटना और छाती व पेट में भारी रक्तस्राव शामिल था।

डॉ. मोहसिन खान (सीनियर कंसल्टेंट, जीआई, मिनिमल एक्सेस एवं बेरियाट्रिक सर्जरी) के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की। इस दौरान डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी, इंटरनल ब्लीडिंग कंट्रोल, गोली के टुकड़ों को निकालना और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत की गई। करीब 2-3 घंटे चली इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में रखा गया।

छह दिनों के इलाज के बाद मरीज की हालत स्थिर होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. मोहसिन खान ने बताया कि फायरिंग जैसी घटनाओं में शुरुआती स्थिति भले स्थिर दिखे, लेकिन अंदरूनी चोटें बेहद खतरनाक हो सकती हैं। ऐसे मामलों में मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि समय पर सर्जरी और सही इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकी। मरीज ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि गोली लगने के बाद उसकी हालत बेहद खराब थी, लेकिन डॉक्टरों की तत्परता और सटीक इलाज से उसे नई जिंदगी मिली।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल के फेसिलिटी डायरेक्टर डॉ. अभिषेक शर्मा ने कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि जश्न के दौरान लापरवाही कभी भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। समय पर अस्पताल पहुंचना और तुरंत इलाज मिलना ही मरीज की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *