शेखर दास की रिपोर्ट
आगरा (उत्तर प्रदेश)। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम एक मानवीय संवेदना से भरा अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां ट्रेन पकड़ने आई एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होती देख रेलवे पुलिस (RPF) और जीआरपी की महिला सिपाही तुरंत हरकत में आ गईं और देवदूत बनकर महिला की मदद को पहुंचीं।
मौके की नज़ाकत को देखते हुए महिला सिपाहियों ने स्टेशन प्लेटफॉर्म पर ही चादर का घेरा बनाकर अस्थायी प्रसूति कक्ष तैयार किया और महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
डिलीवरी के बाद माँ और नवजात दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें तत्काल एस.एन. अस्पताल, आगरा भेजा गया, जहां दोनों की हालत फिलहाल स्वस्थ बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन पर मौजूद यात्री भी भावुक हो उठे और महिला पुलिसकर्मियों की तत्परता और मानवीय सेवा की सराहना की। रेलवे अधिकारियों ने भी महिला सिपाहियों के इस साहसिक और संवेदनशील कदम की प्रशंसा की।
यह घटना साबित करती है कि वर्दी केवल कानून लागू करने का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का भी प्रतीक है।
