रीदाबाद (news24x365)  भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री  जयन्त चौधरी ने शुक्रवार को “IGNiTE 4.0” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) और मर्सिडीज़-बेंज इंडिया के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस पहल के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 1,000 युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें कम से कम 30% महिला सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रशिक्षण दो अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स — मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ (दिल्ली-एनसीआर) और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी (पुणे) — में आयोजित होगा।

जयन्त चौधरी ने कहा कि, भारत तेजी से बदल रहा है और यह समय अत्याधुनिक तकनीक को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने का है। हमारा लक्ष्य मोबिलिटी सेक्टर में 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार देना है, जिनमें से 90 लाख ईवी इकोसिस्टम में कार्यरत होंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि पीएम-सेतु के तहत ₹60,000 करोड़ के आवंटन से लाखों युवाओं को राष्ट्रीय प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मर्सिडीज़-बेंज इंडिया के ईडी और सीएफओ  एमराह ओएज़र ने कहा कि कंपनी भारत में उभरते ऑटोमोटिव सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, यह पहल ई-मोबिलिटी और इंडस्ट्री 4.0 जैसे उभरते क्षेत्रों में कुशल प्रोफेशनल तैयार करेगी और भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगी।”

कार्यक्रम केडमैन स्किलिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लागू किया जाएगा और नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप संचालित होगा। प्रशिक्षण के प्रमुख कोर्सों में ईवी सर्विस असिस्टेंट, ऑटोमोटिव क्वालिटी कंट्रोल असिस्टेंट, ऑटोमोटिव प्रोडक्ट टेस्टिंग टेक्नीशियन और इंडस्ट्री 4.0 टेक्नीशियन शामिल हैं।

यह पहल तीन चरणों में लागू की जाएगी —

  1. सेंटर स्थापना और आवश्यकता मूल्यांकन
  2. कौशल प्रशिक्षण और जॉब मैपिंग
  3. प्लेसमेंट सपोर्ट और मेंटरिंग

महिला सहभागिता बढ़ाने के लिए परिवार जागरूकता और हितधारक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

“IGNiTE 4.0” भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। यह पहल तेजी से बढ़ते ऑटोमोटिव सेक्टर की रोजगार सृजन क्षमता को और मजबूत करेगी, जो 2030 तक 6 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर पैदा करने की ओर अग्रसर है।

 

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