रीदाबाद (news24x365) स्वास्थ्य कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ जिला कार्यकारिणी फरीदाबाद के जिला मंत्री धीरज प्रताप जी के नेतृत्व में करीब 200 एनएचएम कर्मचारियों नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉक्टर जयंत आहूजा जी का गर्म जोशी से स्वागत किया।

एनएचएम की लंबित मांगों को लेकर वह जिओ फेंसिंग को लेकर सिविल सर्जन डॉक्टर जयंत आहूजा  को मिशन निदेशक एनएचएम पंचकूला के नाम ज्ञापन सोपा जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी संघ फरीदाबाद  की समस्त जिला कार्यकारिणी उपस्थिति रही। जिला मंत्री धीरज प्रताप  ने बताया की NHM  कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले कई सालों से मिशन निदेशक और मुख्यमंत्री से मिल भी चुके और लिखित में अपनी मांगों को मनवाने के लिए मुलाकात भी कर चुके लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात है की सरकार ने एनएचएम के लिए कोई सही कदम नहीं उठाया आज हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं एक नंबर पर बताई जाती हैं जो साहब एनएचएम कर्मचारियों की मेहनत का ही नतीजा है मगर सरकार उन्हें कुछ देने की बजाय उनके बायोलॉज को फ्रीज कर रही है जिसके लिए अभी कुछ दिन पहले पूरे हरियाणा के एनएचएम कर्मचारियों ने सीएम आवास पर जाकर मुख्यमंत्री से अपनी मांगे अवगत कराने की कोशिश की थी जिस पर एनएचएम कर्मचारियों को कोई वित्तीय सहायता या कोई अन्य सहायता मिलने की बजाय सिर्फ लाठी डंडों से पिटाई और पानी की बौछारें साथ में आंसू गैस के गले बरसाए गए यहां तक की महिला कर्मचारियों पर पुरुष पुलिस कर्मचारी द्वारा डंडे बरसाए गए जो बहुत निंदनीय है.

हाल ही में मिशन निदेशक महोदय ने एक लेटर जारी किया जिसमें लिखा है की सिर्फ एनएचएम कर्मचारियों को जिओ फेंसिंग अटेंडेंस लगानी होगी जो की पूरे हरियाणा में सिर्फ एनएचएम कर्मचारियों पर लागू होगी । यह संकेत है की एनएचएम कर्मचारियों का पूरी तरह से शोषण किया जा रहा है आज पूरे हरियाणा में सीएमओ के माध्यम से एमडी एनएचएम को ज्ञापन दिया गया की एन एच एम कर्मचारी इस बायो फेंसिंग अटेंडेंस का विरोध करते हैं क्योंकि यह बायो फेंसिंग हमारी लोकेशन और हमारे निजी डेटा का दुरुपयोग कर सकता है इसलिए हम सभी एनएचएम कर्मचारियों इसका पुरविरोध करते हैं और सरकार को चेतावनी देते हैं की एनएचएम कर्मचारियों का शोषण बंद किया जाए नहीं तो एनएचएम कर्मचारियों किसी बड़े आंदोलन का हिस्सा बनेंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार व प्रशासन की होगी एनएचएम कर्मचारियों ने तपती गर्मी ठिठुरती ठंड में बारिश में भी काम किया है करते रहे हैं और कोरोना कल में जब किसी डेड बॉडी को परिवार वालों को नहीं दिया जाता था तो एनएचएम कर्मचारियों ही आगे आकर उसे डेड बॉडी का दाह संस्कार भी करते थे उसे समय तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एनएचएम कर्मचारियों को अलग से एक महीने का वेतन बोनस रूप में देने की बात कही लेकिन इन्हीं एनएचएम कर्मचारियों ने उसे वेतन को ना लेकर सरकार से गुजारिश की थी की जो सरकार हमें वेतन देना चाहती है उसे वेतन को परदेस हित में इस्तेमाल करें मगर बड़ा दुर्भाग्य कि आज सरकार को ये एनएचएम कर्मचारि काम करते हुए भी बुरे दिखाई देते हैं हम एक बार फिर से सरकार से अपील करते हैं कि हमारी मांगों को पूरा किया जाए अन्यथा हम आंदोलन के लिए विवश होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।

 

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